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Gyanvapi Masjid Survey Report: मिल गए बाबा, मस्जिद के हौज में मिला शिवलिंग; कोर्ट के आदेश पर स्थल सील

जागरण संवाददाता, वाराणसी : यह संयोग ही है कि भगवान शिव की आराधना के दिन सोमवार को बाबा विशेश्वरनाथ मंदिर के निकट ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में उनका एक और प्रतिरूप शिवलिंग के रूप में मिला। शिवलिंग मिलने की खबर बाहर आते ही सड़कों पर लोग भाव विह्वल हो उठे और ‘बाबा मिल गए’ की गूंज पूरी काशी हो उठी। मंदिर पक्ष के वकील ने बताया कि मस्जिद परिसर में बने हौज (जिसे छोटा तालाब कहा जा रहा है) का पानी निकालने पर शिवलिंग सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर उक्त स्थान को सील कर दिया गया है। मंदिर पक्ष की मांग पर कोर्ट ने इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी डीएम, पुलिस कमिश्नर व सीआरपीएफ कमांडेंट कौ सौंप दी है।

रविवार को कार्यवाही के दौरान ही मंदिर पक्ष ने मुख्य गुंबद के पूरब और मंदिर में स्थित नंदी विग्रह से लगभग 40 फीट दूरी पर शेड के नीचे स्थित हौज का पानी निकाल कर देखने का आग्रह किया था। इसके लिए नगर निगम की टीम बुलाई गई थी। इस हौज में वजू का पानी इकट्ठा होता है। करीब 10 हजार लीटर पानी निकाला गया। पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की गई। साढ़े दस बजे सर्वे पूरा होने के बाद मंदिर पक्ष के लोग जैसे ही बाहर आए, खुशी से दमकते उनके चेहरे देख सड़क पर खड़े लोगों ने हर-हर महादेव के उद्घोष से स्वागत किया।

पैरोकार सोहनलान ने संकेतों में सबसे पहले बताया : सबसे पहले बाहर आए वादी पक्ष के पैरोकार सोहनलाल आर्य ने पत्रकारों से बातचीत की शुरुआत ही- ‘जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ..’ से की और संकेत दे दिए। उन्होंने एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही को लेकर संतोष जताया। यह भी कहा कि नंदी महाराज जिसका इंतजार कर रहे थे, वे बाबा मिल गए। वादी पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा- ‘अंत भला तो सब भला। सर्वे के दौरान कोई मलबा नहीं हटाया गया है। कृत्रिम तालाब यानी हौज से पानी जरूर निकाला गया है। दावे के सापेक्ष मजबूत साक्ष्य मिले हैं, जिसे कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। उधर मंदिर पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कार्यवाही खत्म होते ही अदालत में प्रार्थना पत्र देकर इस स्थान को सील कराने की मांग की। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेश दिया कि जहां शिवलिंग प्राप्त हुआ है, उसे तत्काल प्रभाव से सील कर देेंं।

असामान्य पाई गई गुंबद की संरचना : एडवोकेट कमिश्नर की चार दिनों तक चली लगभग 13 घंटे की कार्यवाही में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की बाहर से लेकर भीतर तक फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की गई। इसमें गुंबद की संरचना असामान्य पाई गई है। यानी ऐसा लगता है जैसे इन्हें अलग से बनवाया गया है। तहखानों में कई स्थानों पर मिले मलबे की सफाई में कलश और स्वास्तिक चिह्न मिला। समय की बंदिशों के कारण मलबा पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका है। कुछ हिस्सा ईंट की दीवार से बंद होने के कारण उसे भी अंदर से नहीं देखा जा सका। अब शिवलिंग मिलने के बाद वादी पक्ष के लोगों ने इसकी कार्बन डेटिंग की मांग उठानी शुरू कर दी है ताकि पता चल सके कि वह कितना पुराना है।

शिवलिंग मिलने के दावे से इनकार : प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद के वकील मुमताज अहमद ने सर्वे के दौरान मस्जिद परिसर में किसी शिवलिंग के मिलने के मंदिर पक्ष के दावे से इन्कार किया है। कहा, यह उनका नजरिया है। एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल होने पर सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। प्रतिवादी पक्ष के वकील अभयनाथ यादव ने भी शिवलिंग मिलने के दावे को खारिज किया। कहा कि कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत होने से पहले कोई टिप्पणी उचित नहीं होगी। उन्होंने वादी पक्ष के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट दाखिल होने से पहले ऐसा बयान देना उचित नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार कमीशन की कार्यवाही पूरी हो गई। एडवोकेट कमिश्नर की ओर से 17 मई को कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

22 गुणा 22 फीट का है हौज : शिवलिंग मिलने पर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। प्रतिवादी पक्ष ने हौज को फव्वारा बताया। शिवलिंग के आकार-प्रकार को लेकर कई तरह की चर्चा रही। इसे हरे रंग का पन्ने का बताया गया, लेकिन किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। बताया जा रहा है कि शिवलिंग के चारों ओर सीमेंट चढ़ा है। इस पर पांच स्थानों पर क्रास लगाया गया है। शिवलिंग का व्यास करीब छह फीट का और लंबाई 10 फीट से अधिक बताई जा रही है। हौज वर्गाकार है, जिसकी एक ओर की लंबाई करीब 22 फीट है और गहराई लगभग छह फीट है। इसमें समान दूरी पर 30 नल तीन तरफ लगे हुए हैं।

Author

  • Mrityunjay Singh

    Mrityunjay Singh is an Indian author, a Forensic expert, an Ethical hacker & Writer, and an Entrepreneur. Mrityunjay has authored for books “Complete Cyber Security eBook”, “Hacking TALK with Mrityunjay Singh” and “A Complete Ethical Hacking And Cyber Security” with several technical manuals and given countless lectures, workshops, and seminars throughout his career.

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Mrityunjay Singh is an Indian author, a Forensic expert, an Ethical hacker & Writer, and an Entrepreneur. Mrityunjay has authored for books “Complete Cyber Security eBook”, “Hacking TALK with Mrityunjay Singh” and “A Complete Ethical Hacking And Cyber Security” with several technical manuals and given countless lectures, workshops, and seminars throughout his career.

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